शुक्रवार, जून 01, 2007

जवानी के हीले हया के बहाने

This is one the romantic Gazal and my favorite too. Gazal is penned by Sudarhan Faakir and Sung by Jagjit Singh. The gazal is part of Album Black Magic also known as Passion (one of my very first Gazal album) .


जवानी के हीले हया के बहाने
यह माना की तुम मुझसे परदा करोगी
यह दुनिया मगर तुझ सी भोली नही है
छुपा के मुहब्बत को रुशवा करोगी

बड़ी कोशिसो से बड़ी ख्वाहिशों से
तमन्ना की सहमी हुई सज़िशो से
मिलेगा जो मौका तो बेचैन होकर
दरीचों से तुम मुझको देखा करोगी

सताये की जब चांदनी की उदाशी
दुखाए की दिल जब फिजां की खामोशी
उफक की तरफ खाली नज़रें जमा कर
कभी जो ना सोचा वोह सोचा करोगी

कभी दिल की धड़कन मह्सूश होगी
कभी ठंढी सांसो के तूफ़ान उठेंगे
कभी गिर के बिस्तर पे आहें भरोगी
कभी झुक के तकिये पे रोया करोगी

जवानी के हीले हया के बहाने
यह माना की तुम मुझसे परदा करोगी
यह दुनिया मगर तुझ सी भोली नही है
छुपा के मुहब्बत को रुशवा करोगी

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