तेरे बारे मेन जब सोचा नही था
This is gazal composed by Miraz Faizabadi. This is included in many collection of Jagjit Singh, once of them is Saher.
तेरे बारे में जब सोचा नही था,
मैं तनहा था मगर इतना नही था |
तेरी तस्वीर से करता था बाते,
मेरे घर मे आइना नही था |
समंदर ने मुझे प्यासा ही रक्खा,
मैं जब सेहरा में था प्यासा नही था |
मनाने रूठने के खेल में हम,
बिछड जायेंगे येह सोचा नही था |
सुना है बंद कर ली उसने आंखें,
कई रातों से वोह सोया नही था |
तेरे बारे में जब सोचा नही था,
मैं तनहा था मगर इतना नही था |


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें