देर लगी आने मने तुमको
Another gem by the living legend. The gazal is penned by Andleeb Shadani.
देर लगी आने में तुमको, शुकर है फिर भी आये तो
आश ने दिल का साथ ना छोडा, वैसे हम घबराए तो .
सफक, धनुक, महताब, घ्टअय्ने, तारे, नगमें, बिजली, फूल.
उस दामन में क्या क्या कुछ है, वोह दामन हाथ में आये तो .
झूठ है सब तारीख हमेशा अपने को दोहराती है,
अच्छा मेरा खाबे जवानी, थोडा सा दोहराये तो .
सुनी सुनाई बात नही है अपने ऊपर बीती है,
फूल निकलते हैं शोलो से चाहत आग लगाए तो .


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