सोमवार, मई 14, 2007

ए काश वो किसी दिन

This is a beautiful poem by Yogesh. The gazal is sung by Jagjit Singh and is part of one of his album called Many Facets. The is from a movie called "Hum Hain Pyar Mein". Though the movie was not at all hit, but its music was melodious, specially this song.

काश वो किसी दिन तनहाइयों में आयें,
उनको ये राजे दिल हम महफ़िल में क्या बतायें |

लगता है डर उन्हें तो हमराज़ लेके आयें,
जो पूछना है पूछे, कहना है जो सुनाएँ,
तौबा हमारी हम जो उन्हें हाथ भी लगाएँ |

काश वो किसी दिन तनहाइयों में आयें,
उनको ये राजे दिल हम महफ़िल में क्या बतायें|

उन्हें इश्क ग़र ना होता पलके नही झुकाते,
गालों पे सोख बादल, जुल्फो के ना गिरते,
कर दे ना क़त्ल हमको मासूम यह अदाएँ|

काश वो किसी दिन तनहाइयों में आयें,
उनको ये राजे दिल हम महफ़िल में क्या बतायें|

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